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Warm Up Match क्या है और क्यों खेला जाता है? 90% लोग नहीं जानते इसकी असली वजह 2026!

क्रिकेट में warm up match kya hota hai और warm up match mein kitne players khel sakte hain जैसे सवाल ICC T20 World Cup 2026 (जो अभी भारत और श्रीलंका में चल रहा है) के दौरान सबसे ज्यादा सर्च हो रहे हैं। बहुत से फैंस कन्फ्यूज रहते हैं कि क्या वार्म-अप मैच में भी सिर्फ 11 खिलाड़ी खेलते हैं या पूरा स्क्वॉड?


वार्म-अप मैच में पूरा 15 सदस्यीय स्क्वॉड (कभी-कभी 16 तक) खेल सकता है। लेकिन मैदान पर एक साथ सिर्फ 11 खिलाड़ी फील्डिंग या बैटिंग कर सकते हैं, लेकिन टीम रोटेशन करके सभी खिलाड़ियों को बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग का मौका देती है। खास तौर पर यही मुख्य अंतर मैच में होते है, लेकिन ऑफिशियल मैच में सख्ती से सिर्फ 11 प्लेइंग XI खेलते हैं।

आइए विस्तार से समझते हैं।

Table of Contents

1. वार्म-अप मैच क्या होता है? (Warm Up Match Kya Hota Hai)

आमतौर पर वार्म-अप मैच क्रिकेट में वो आखिरी प्रैक्टिस गेम होता है जो बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले खेला जाता है। जैसे ICC T20 World Cup 2026 में हुआ – भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ Navi Mumbai में खेला उस मैंच को 30 रनों से जीता।

ये कोई ऑफिशियल मैच नहीं, ना ही इन मैचों के स्टेट्स गिनते, और ना ही इन मैचों को इंटरनेशनल मैचों में काउंट करते हैं लेकिन टीमों के लिए वार्म अप मैच बहुत जरूरी होते हैं। खास तौर पर खिलाड़ी IPL या घरेलू क्रिकेट के बाद लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर उतरते हैं, तो ये मैच उन्हें असली मैच की फील देता है।

पिच कैसी है, गेंद कैसे ग्रिप कर रही है, मौसम क्या कह रहा है – यह सब चेक हो जाता है। कोच यहां हर किसी को टेस्ट करते हैं, ताकि मुख्य टूर्नामेंट में कोई सरप्राइज न हो।

खिलाड़ियों का मुख्य उद्देश्य: खिलाड़ियों को मैच के रिदम में लाना, पिच-मौसम की आदत डालना, बड़े टूर्नामेंट के लिए सही कॉम्बिनेशन टेस्ट करना, और चोट से बचाना।

उदाहरण के लिए 2026 T20 WC: 2 से 6 फरवरी तक 16 वार्म-अप मैच खेले गए। भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक मैच खेला (4 फरवरी, Navi Mumbai), जहां भारत ने 30 रनों से जीत हासिल की। India A ने USA और Namibia के खिलाफ खेला।

warm up match ka matlab kya hota hai – यह “warm up” शब्द से आता है, मतलब शरीर और टीम को “गर्म” करना या तैयार करना, जैसे जिम में वार्म-अप एक्सरसाइज होती है ठीक उसी प्रकार टीम को बड़े टूर्नामेंट खेलने से पहले प्लेयर को वार्म किया जाता है, ताकि वह बड़े मैचों में सही रिदम के साथ बैटिंग कर सके।

2. वार्म-अप मैच में कितने खिलाड़ी खेल सकते हैं? (Warm Up Match Mein Kitne Players Khel Sakte Hain)

अब असली सवाल पर आते हैं – वार्म-अप में कितने प्लेयर खेल सकते हैं? ICC के नियम क्या कहते हैं कि टीम का स्क्वॉड 15 खिलाड़ियों का होता है (कभी-कभी 16 तक), और मैदान पर एक साथ तो सिर्फ 11 ही फील्डिंग कर सकते हैं

warm up match

लेकिन यहां रोटेशन की पूरी आजादी है। मतलब, मैच के दौरान खिलाड़ी बार-बार बदल सकते हैं। सबको बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग का मौका मिल जाता है। मुख्य मैच में तो सिर्फ प्लेइंग XI खेलता है,

लेकिन यहां कोच कहते हैं – “भाई सब आओ, प्रैक्टिस करो”। जैसे भारत vs SA में कई प्लेयर्स रोटेट हुए, ताकि सब मैच-रेडी हो जाएं। यही वजह है कि ये मैच इतना खास लगता है।

ICC के नियमों के अनुसार (T20 World Cup Playing Conditions से):

  • Squad Size: हर टीम का अधिकतम 15 खिलाड़ी का स्क्वॉड होता है (कभी-कभी 16)।
  • फील्डिंग: मैदान पर एक समय में सिर्फ 11 खिलाड़ी फील्डिंग कर सकते हैं (जैसे नॉर्मल मैच)।
  • रोटेशन की आजादी: टीम चाहे तो मैच के दौरान खिलाड़ियों को बार-बार बदल सकती है। इसका मतलब –
  • सभी 15 खिलाड़ी फील्डिंग कर सकते हैं (रोटेट करके)।
  • सभी 15 खिलाड़ी बॉलिंग कर सकते हैं (ओवर बांटकर)।
  • बैटिंग: आमतौर पर सिर्फ 11 खिलाड़ी बैटिंग करते हैं (क्योंकि इनिंग्स 20 ओवर की होती है), लेकिन कुछ मामलों में एक्स्ट्रा बैट्समैन को भी मौका मिल सकता है अगर विकेट जल्दी गिरें।

प्लेइंग XI: टॉस पर प्लेइंग XI घोषित करने की जरूरत नहीं। टीम फ्रीली रोटेट करती है।

विशेषताआधिकारिक मैच (T20I)वार्म-अप मैच
खिलाड़ी मैदान परसिर्फ 1111 (लेकिन रोटेशन से सभी 15)
पूरा स्क्वॉड खेल सकता है?नहींहां, सभी को मौका
बॉलिंगसिर्फ प्लेइंग XIसभी 15 खिलाड़ी बॉल सकते हैं
बैटिंगसिर्फ 11मुख्यतः 11, लेकिन रोटेशन संभव
स्टेट्स गिनतीहांनहीं
DRSहांनहीं

2026 T20 WC में भारत के वार्म-अप मैच में Suryakumar Yadav की टीम ने कई खिलाड़ियों को रोटेट किया, ताकि सबको प्रैक्टिस मिले।

3. वार्म-अप मैच में क्या होता है? (Warm Up Match Mein Kya Hota Hai)

वार्म-अप मैच में सब कुछ होता है जो असली मैच में होता है, लेकिन बहुत रिलैक्स्ड तरीके से। 20-20 ओवर का फॉर्मेट, बैटिंग-बॉलिंग, फील्डिंग – सब। लेकिन नियम सख्त नहीं – DRS नहीं चलता, प्लेयर बदलते रहते हैं, कभी ओवर कम भी कर देते हैं।

कोच यहां नए कॉम्बिनेशन आजमाते हैं – कौन ओपन करेगा, डेथ ओवर में कौन बॉल करेगा। यहां पर अक्सर खिलाड़ी का कॉन्फिडेंस बिल्ड करते हैं, चोट का रिस्क यहां पर ही पकड़ में आ जाता है। जैसे इशान किशन ने SA के खिलाफ धमाकेदार बैटिंग की, टीम को जीत मिली।

किसी भी प्रैक्टिस मैच में हार-जीत मायने नहीं रखती, बस बड़े मैचों के लिए तैयारी होती है। आप इन मैचों को लाइव भी देख सकते है और इन मेचौ का jioCinema, Jio hotstar , Airtel Xtreme, प्लेटफॉर्म पर फैंस मजा लेते हैं।

लाइव खेल: सामान्य T20 फॉर्मेट (20-20 ओवर) तेरा ही होते हैं, लेकिन वार्म अप मैच के नियम लचीले होते हैं।

सही टीम का कॉन्बिनेशन: नए ओपनर, डेथ बॉलर, फील्डिंग सेटअप टेस्ट करते हैं। ताकि प्लेयर्स उन नंबर्स के अनुसार अपनी जिम्मेदारी को संभाल सके।

वार्म अप मैच में कोई दबाव नहीं: हार-जीत मायने नहीं रखती, इसलिए कोच रिस्क लेते हैं। चोट रिस्क: कभी-कभी मुख्य खिलाड़ी चोटिल हो जाते हैं, लेकिन यही मकसद है – मुख्य टूर्नामेंट से पहले पता चल जाए।

लाइव देखने के लिए प्रसारण: JioCinema, Star Sports, jio hotstar, Airtel xtreme जैसे प्लेटफॉर्म पर लाइव या हाइलाइट्स देख सकते हैं।

4. वार्म-अप मैच और प्रैक्टिस मैच में अंतर

लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं – वार्म-अप और प्रैक्टिस मैच में क्या फर्क? प्रैक्टिस मैच ज्यादातर A टीम या लोकल टीम के साथ होता है, जैसे भारत A vs इंग्लैंड लायंस।

warm up match

लेकिन वार्म-अप मैच में दोनों टीमें मुख्य टूर्नामेंट की पार्ट होती हैं – जैसे भारत vs SA, ऑस्ट्रेलिया vs इंग्लैंड। ये ज्यादा हाई-प्रोफाइल होता है, ICC डायरेक्ट ऑर्गनाइज करता है। दोनों टीमों का मकसद सिर्फ बड़े मैचों की तैयारी के लिए होता है,

लेकिन वार्म-अप में असली टीमों का स्क्वॉड पूरा यूज होता है, और टूर्नामेंट वाली पिच पर खेलते हैं। फैंस के लिए भी ये एक्साइटिंग होता है, क्योंकि यहां पर भी बड़े प्लेयर्स दिखते हैं।

वॉर्म-अप मैच प्रैक्टिस: यहाँ खिलाड़ी अपनी रणनीति (Strategy) टेस्ट करता है। असली मैच की तरह फील्डिंग लगी होती है, जिससे खिलाड़ियों को गैप खोजने और दबाव में सही फैसले लेने की असली प्रैक्टिस मिलती है।

नेट प्रैक्टिस मैच: यहाँ खिलाड़ी सिर्फ अपनी तकनीक (Technique) सुधारता है। कोई फील्डर नहीं होता, इसलिए रन चुराने या गैप ढूँढने का कोई दबाव नहीं होता।

अपनी Batting Order का Experimental: टीमों के पास वार्म अप मैच में यहाँ ‘फ्लेक्सिबिलिटी’ होती है। उदाहरण के लिए, अगर टीम इंडिया को चेक करना है कि क्या ऋषभ पंत ओपनिंग में चल सकता हैं, तो वो वॉर्म-अप मैच में रोहित शर्मा को आराम देकर पंत को ऊपर भेज सकते हैं। इसमें किसी भी खिलाड़ियों का ‘Career Average’ खराब होने का डर नहीं होता, क्योंकि इसके स्टेटस इंटरनेशनल पर नहीं जुड़ते हैं। इसलिए टीमें यहाँ निडर होकर प्रयोग करती हैं।

5. 2026 T20 World Cup में वार्म-अप मैच के रोचक फैक्ट्स

  • कुल 16 वार्म अप मैचों की प्रैक्टिस (2-6 फरवरी)। हुई थी।
  • भारत का पहला वार्म अप मैच: भारत ने 1 मैच में SA के खिलाफ (जीत दर्ज की), उसके बाद India ने Group A: 2 मैच (USA और Namibia के खिलाफ भी शानदार जीत दर्ज करी थी।
  • सभी टीमों का15 सदस्यीय स्क्वॉड से खेलती हैं।
  • इन वार्म अप मैचों की कोई रैंकिंग या पॉइंट्स वर्ल्ड कप प्वाइंट टेबल नहीं जुड़ते हैं।

निष्कर्ष

warm up match kya hota hai in hindi – यह टीम की “फाइनल तैयारी” है जहां warm up match mein kitne players khel sakte hain का जवाब है: पूरा 15 सदस्यीय स्क्वॉड, रोटेशन के साथ।

यह मैच खिलाड़ियों को मैच-रेडी बनाता है बिना किसी ऑफिशियल प्रेशर के।अगर आप क्रिकेट फैन हैं, तो अगली बार वार्म-अप मैच देखें – आप देखेंगे कि मैदान पर खिलाड़ी बदलते रहते हैं, और यही इसकी खासियत है!

देखा जाए तो वॉर्म-अप मैच किसी भी बड़े टूर्नामेंट का ‘ट्रेलर’ की तरह होता हैं। यहाँ टीमें अपनी ताकत दिखाने के बजाय अपनी कमजोरियों को परखती हैं। और यही कारण है कि कभी-कभी छोटी टीमें भी बड़ी टीमों को वॉर्म-अप में हरा देती हैं, क्योंकि बड़ी टीमें अक्सर यहाँ जीतने के लिए नहीं, बल्कि प्रयोग करने के लिए खेलती हैं।

वार्म-अप मैच से जुड़े FAQ (2026 T20 World Cup स्पेशल)

1. वार्म-अप मैच क्या होता है?

वार्म-अप मैच ICC टूर्नामेंट से ठीक पहले का गैर-आधिकारिक प्रैक्टिस मैच है। 2026 T20 WC में 2-6 फरवरी तक 16 मैच खेले गए, जहां टीमें 20 ओवर का फॉर्मेट खेलती हैं लेकिन नियम बहुत लचीले होते हैं।

2. वार्म-अप मैच क्यों जरूरी है?

टीमें पिच, मौसम, प्लेयर्स की फिटनेस और टीम के लिए सही कॉम्बिनेशन टेस्ट करती हैं। असली वजह लंबे ब्रेक के बाद मैच रिदम लाना और चोट से बचाव। बिना वार्म-अप के टीम कमजोर शुरू कर सकती है।

3. वार्म-अप मैच में कितने खिलाड़ी खेल सकते हैं?

पूरा 15 सदस्यीय स्क्वॉड! मैदान पर 11 फील्डिंग करते हैं, लेकिन रोटेशन से सबको बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग का मौका मिलता है। मुख्य मैच में सिर्फ 11 प्लेइंग XI खेल सकते हैं।

4. वार्म-अप मैच के रिजल्ट मायने रखते हैं?

नहीं! जीत-हार या स्टेट्स ICC रिकॉर्ड में नहीं जाते। ये सिर्फ तैयारी के लिए हैं।

5. 2026 T20 World Cup में भारत ने कौन-से वार्म-अप मैच खेले?

भारत ने सिर्फ एक: 4 फरवरी को साउथ अफ्रीका के खिलाफ Navi Mumbai (DY Patil Stadium) में – भारत ने जीता। India A ने USA और Namibia के खिलाफ दो मैच खेले।

6. वार्म-अप मैच लाइव दिखते हैं?

हां, Star Sports और JioCinema , jio hotstar Airtel live extreme, जैसे प्लेटफॉर्म पर लाइव या हाइलाइट्स मिलते हैं। 2026 में कई मैच लाइव ब्रॉडकास्ट हुए थे।

7. वार्म-अप मैच और प्रैक्टिस मैच में फर्क क्या है?

वार्म-अप ICC टूर्नामेंट वाली मुख्य टीमों के बीच होता है (जैसे India vs SA)। प्रैक्टिस मैच ज्यादातर A टीम या लोकल टीम के साथ प्लेयर्स खेलते हैं।

8. अगर वार्म-अप मैच बारिश में रद्द हो जाए तो?

अगर कोई मैच बारिश के कारण रद्द होता है तो कोई समस्या नहीं – टीम नेट्स या इंडोर प्रैक्टिस से काम चला लेती है। इन मैचों का नतीजा मायने नहीं रखता।

9. वार्म-अप मैच में DRS इस्तेमाल होता है?

नहीं, ज्यादातर मामलों में DRS नहीं होता क्योंकि ये अनऑफिशियल मैच होते हैं।

10. वार्म-अप मैच क्रिकेट के अलावा अन्य स्पोर्ट्स में भी होते हैं?

हां, फुटबॉल, हॉकी में भी प्री-टूर्नामेंट फ्रेंडली मैच होते हैं, लेकिन क्रिकेट में ये सबसे होते हैं।

Verified Analyst
Akash Pachore

Akash Pachore

Founder & Lead Cricket Analyst | Stump Ki Baat

आकाश पाचोरे **Stump Ki Baat** के संस्थापक और एक अनुभवी क्रिकेट विश्लेषक हैं। वे आंकड़ों और मैच की रणनीतियों को गहराई से समझाने के लिए जाने जाते हैं। उनका लक्ष्य क्रिकेट प्रशंसकों तक सबसे सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना है।

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